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सिर्फ दो दिन में 100 से ज्यादा ट्रकों को ज़ब्त कर खनन माफियाओं की कमर तोड़ने वाली दबंग IAS

फिल्मों में सलमान खान को दबंग और अजय देवगन को सिंघम बने देखकर तो सभी ने उनकी बहुत वाह वाही की है लेकिन फ़िल्म खत्म होते ही थिएटर से बाहर आकर सभी एक बात ही कहते है की “यार ये सब तो फिल्मों में ही होता असल में ऎसे ईमानदार और दबंग अधिकारी आजकल होते ही कहाँ हैं।” तो अगर आप भी यही सोच रखते हैं तो हम आपको बता दें कि ऐसे दबंग ईमानदार और अपने फर्ज़ को निभाने वाले अधिकारी आज भी हमारे बीच मौजूद हैं और वो केवल पुरुष वर्ग में ही नहीं बल्कि महिला वर्ग में भी हैं जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर अपने कर्तव्य को तरज़ीह दी है। आज की हमारी कहानी भी एक ऐसी ही दबंग और निडर महिला आईएएस अधिकारी की है जिनका नाम है जाधव विजया नारायण राव

विजया वही अधिकारी हैं जिनकी निडरता की आज झारखंड ही नहीं बल्कि पूरा देश तारीफ़ कर रहा है। विजया की तेज़ तर्रार कार्यवाही से बिहार और झारखंड के बालू माफियाओं की होश फाख्ता हो रखे है। विजया झारखंड कैडर की वर्ष 2015 बैच के 6 आईएएस अधिकारियों में से एक हैं। जाधव इस समय झारखंड के गिरिडीह (रांची) इलाके में एसडीएम की कमान संभाल रही हैं। वैसे तो गिरिडीह में कई अधिकारी आये और गए होंगे लेकिन विजया की लोकप्रियता कुछ और ही है इसलिए तो क्षेत्र की जनता उन्हें लेडी सिंघम कहकर पुकारती है।

विजया ने बालू माफियाओं पर कार्यवाही कर अवैध बालू खनन करने वालों की कमर तोड़ रखी है। उन्होंने अपने नेतृत्व में कार्यवाही के दौरान पचास से अधिक ट्रकों को देर रात छापेमारी कर पकड़ा है। दर्जनों ट्रकों के चालकों को हिरासत में लिया। आपको बता दें कि गिरीडीह से अवैध रूप से बालू उठाव कर बिहार में खपाने का कारोबार इन दिनों जोरों पर चल रहा था। बीते दिनों 29 व 30 नवम्बर की रात को जिले के सरिया व बिरनी के बॉर्डर स्थित बेकोडीह पुल पर एसडीओ जाधव ने छापेमारी करते हुए बराकर नदी पर बने दोनों पुलों के बीच करीब दस किलोमीटर के दायरे में जो सौ से अधिक ट्रकों पर बालू लोड करने का काम चल रहा था और सभी ट्रकों पर अवैध बालू लोड कर बिहार भेजे जाने की तैयारी में था उस पर हमला बोलते हुए उनके किये कराए पर पानी फेर दिया।

इस कार्यवाही में उनके साथ करीब 40 और जवान भी शामिल थे। उस वक्त रात के समय घाट पर सवा सौ ट्रक अवैध बालू लदान के लिए खड़े थे और सभी ट्रक बिहार पासिंग के थे। गौरतलब है कि उनमें एक भी ट्रक झारखंड का नहीं था इस बीच कार्यवाही की भनक लगने पर बालू घाट का संचालक प्रदीप सवा सौ ट्रक चालकों के साथ वहाँ से भाग खड़ा हुआ। इसी बीच बाकी के खनन माफिया भी सक्रिय हो गए और साथ ही प्रसाशन भी मुस्तैद हो गया। जाधव के नेतृत्व में पुलिस ने तेजी से छापेमारी की कार्यवाही को अंजाम देते हुए बराकर नदी तट पर खड़े ट्रकों को जब्त कर चालकों, खलासियों को हिरासत में ले सभी जब्त ट्रक पुलिस निगरानी में देकर, थाने की पुलिस को जब्ती सूची तैयार कर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिए गए। पहली बार किसी महिला अधिकारी द्वारा इस तरह की निडरता के साथ की गयी कार्यवाही ने उन्हें रातों रात जनता का अधिकारी बना दिया।

जाधव कार्यवाही के विषय में कहती हैं कि “हमारी टीम में जवानों की कमी थी और बालू माफियाओं के काफी अधिक संख्या में वाहन होने के कारण कुछ चालक भागने में कामयाब हो गए। इस दौरान सबसे आश्चर्य की बात यह थी कि उनमें से एक भी ट्रक हमारे प्रदेश का नहीं था। हमें काफी समय से बालू के अवैध कारोबार की लगातार सूचनाएं मिल रही थी। बताया जा रहा था कि अवैध तरीके से बालू उत्खनन कर उसे बिहार भेजा जा रहा है। लीज के नियमों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा था। पुल के नीचे से बालू का उत्खनन किया जा रहा है। यहाँ तक की मजदूरों के बजाय जेसीबी से बालू को ट्रकों में लोड कर बिहार भेजा जा रहा है। इससे साफ है कि हर दिन यहां से इतनी संख्या में ट्रकों में बालू दूसरे राज्यों में जाता रहा है। और इसे रोकने के लिए इस तरह की कार्यवाही आवश्यक है। और पकड़े गए लोगों पर सख़्त कार्यवाही की जाएगी।”

जाधव की कार्यवाही ने साबित कर दिया की आज भी ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों की कमी नहीं है।

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