in

शुरुआत में मिले थे सिर्फ 15 व्यूज, आज 20 मिलियन फॉलोवर्स के साथ हैं इंटरनेट की दुनिया के सुपरस्टार

वैश्विक डिजिटल अवलोकन रिपोर्ट के अनुसार साल 2020 तक 4.66 बिलियन उपयोगकर्ताओं के साथ, इंटरनेट निर्विवाद रूप से कलाकारों के सामने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए सबसे बड़ा जरिया है, लेकिन महज कुछ ही लोग अपनी पहचान बनाने में कामयाबी हासिल कर पाते। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच, लगभग 20 मिलियन फॉलोवर्स का एक विशाल समूह बनाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। और इस चमत्कार को वाकई में कर दिखाया है हमारी आज की कहानी के हीरो। इंटरनेट की शक्ति का स्टाइलिश तरीके से उपयोग कर भुवन बाम ने सफलता की जो कहानी लिखी, वह बेहद प्रेरणादायक है।

वडोदरा में एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्में भुवन का ज्यादातर समय दिल्ली में बीता। जैसे-जैसे वह बड़े हुए, उनका झुकाव अभिनय की तरफ होता चला गया। स्कूल और कॉलेज के दिनों में वह स्टेज पर अभिनय भी किया करते थे।

एक स्टेज कलाकार के तौर पर भुवन ने पढ़ाई पूरी करने के बाद एक अभिनेता और गायक के रूप में प्रदर्शन जारी रखा। विभिन्न स्थानों पर उनके प्रदर्शन ने उन्हें एक पेशेवर कलाकार के रूप में ढाला। बदलते समय के साथ इंटरनेट का उपयोग भी बढ़ रहा था, जिससे सोशल-मीडिया अस्तित्व में आया। जून 2015 में, भुवन ने फेसबुक पर अपने कुछ छोटे वीडियो डालने का फैसला किया, उन्हें ख़ास प्रतिक्रिया नहीं मिली, लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखा। वीडियो से पैसे कमाने के उद्देश्य से उन्होंने उसे यूट्यूब पर प्रकाशित करने की आवश्यकता को महसूस किया (फेसबुक ने तब विडियो मुद्रीकरण की पेशकश नहीं की थी)। भुवन ने ‘बीबी की वाइन्स‘ नाम से एक यूट्यूब चैनल बनाया और अपने सभी वीडियो वहां अपलोड कर दिए।

केनफ़ोलिओज़ के साथ विशेष बातचीत में भुवन ने बताया कि “जब शुरू किया था तब सोचा नहीं था कि इतना कर पाउँगा। बस अपना काम करते गया और फॉलोवर्स बढ़ते गए”।

20 जून 2015 को ‘बीबी की वाइन्स’ के लॉन्च के बाद से, कई उतार-चढ़ाव और कठिनाइयाँ आईं, लेकिन भुवन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह समय था, जब ‘द वायरल फीवर’ और ‘ऐ आई बी’ जैसे चैनल अंग्रेजी दर्शकों के बीच लोकप्रिय थे, और यूट्यूब पर हिंदी शैली में बहुत अधिक सामग्री उपलब्ध नहीं थे। अद्वितीय कॉमिक-टाइमिंग और उनकी ‘दिल्ली वाली हिंदी’ के उपयोग ने उन्हें जल्द ही इंटरनेट की दुनिया का स्टार बना दिया और भारी तादात में उनके फॉलोवर्स की संख्या में बढ़ोतरी हुई।

वर्ष 2016 में भुवन की मुलाकात रोहित राज नाम के एक शख़्स से हुई जो कलाकारों के लिए प्रबंधन का काम करते थे। रोहित की विशेषज्ञता ने भुवन के लिए जादू का काम किया और उन्हें पूरी तरह से अपनी सामग्री पर ध्यान केंद्रित करने में मदद की है। दिनों-दिन उनकी लोकप्रियता बढ़ती ही चली गई। बढ़ती लोकप्रियता और सफलता के नए आयाम गढ़ने के बावजूद, उन्होंने कड़ी मेहनत जारी रखी और नई सामग्री पर शोध किया। भुवन की कड़ी मेहनत के साथ उनकी स्मार्ट कॉमिक टाइमिंग ने जल्द ही ‘बीबी की वाइन्स’ को यूट्यूब के सबसे प्रसिद्ध चैनलों में से एक बना दिया।

कंटेंट के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि “मेरा कंटेंट मध्यम-वर्गीय भारतीय परिवारों और उनकी समस्याओं के बारे में होता है, सिर्फ कैरेक्टर आते-जाते रहते हैं।”

‘बीबी की वाइन्स’ की लोकप्रियता ने भुवन के लिए कई नए दरवाजे खोले। उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर ‘बीबी की वाइन’ ब्रांड के बैनर तले कई प्रोडक्ट को लॉन्च किया और अपनी सामग्री को बढ़ावा देने के लिए अन्य प्रसिद्ध ब्रांडों से साथ सहयोग साझा भी किया। वर्तमान में भुवन फैशन पोर्टल मिंत्रा, लेंसकार्ट और मिवी जैसे कई ब्रांडों के अम्बेस्डर भी हैं।

भुवन बाम की सफलता की कहानी उन प्रतिष्ठित कहानियों में से एक है, जिन्होंने कई युवाओं को सोशल मीडिया को एक पेशे के रूप में गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित किया है। एक सामान्य मध्यवर्गीय दिल्ली का लड़का, जो अपनी प्रतिभा के आधार पर शोहरत की बुलंदियों की ओर बढ़ रहा है और लाखों-करोड़ों फॉलोअर्स बना रहा है, उसकी कहानी शाहरुख खान जैसे सिल्वर-स्क्रीन सुपरस्टार की कहानी से कम नहीं है।

भुवन ने बताया “मैंने जब शुरू किया था तब मुझे पंद्रह व्यूज मिले थे। जब ऐसे बच्चे को शाहरुख खान बताएं कि वो उसका कंटेंट देखते हैं, तो स्पेशल फील होता है।”

इंटरनेट और सोशल मीडिया प्रभावित पीढ़ियों को सोशल मीडिया की वास्तविक क्षमता को दर्शाने के लिए भुवन बाम की सफलता हमेशा एक उदाहरण के तौर पर देखी जाएगी।

कहानी पर आप अपनी प्रतिक्रिया नीचे कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं और पोस्ट अच्छी लगी तो शेयर अवश्य करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading…

0