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नौकरी छोड़ घर के कमरे से शुरू किया बिज़नेस, Covid महामारी के बावजूद हुआ 14 लाख का कारोबार

हम में से कई लोग अपनी नौकरी में बने रहने के लिए संघर्ष करते हैं, और किसी और को अपनी प्रतिभा से अपना ब्रांड बनाने में मदद करते हैं। हालांकि सब लोगों की यह चाहत होती है कि उनका ख़ुद का साम्राज्य हो। लेकिन सिर्फ कुछ लोगों में ही जोख़िम उठाने की ताकत होती है। अपनी शानदार नौकरी को अलविदा कह जुनून के साथ आगे बढ़ना वाक़ई में कोई आसान काम नहीं होता।

गाजियाबाद की प्राची भाटिया ऐसी ही एक शख्सियत हैं, जिन्होंने अपनी अच्छी-ख़ासी तनख्वाह वाली नौकरी छोड़ जुनून के साथ आगे आगे बढ़ने का निश्चय किया और आज वह एक सफल उद्यमी के रूप में हमारे सामने खड़ी हैं। साल 2018 में सिर्फ एक ऑर्डर मिलने से लेकर 2020 में कोरोनावायरस महामारी के बीच 14 लाख रुपये का कारोबार करने तक का सफ़र बेहद प्रेरणादायक है।

प्राची हमेशा से एक होनहार लड़की थी। साल 2017 में, उन्हें हरियाणा सरकार द्वारा जीडी गोयनका स्कूल ऑफ फैशन एंड डिज़ाइन से उत्पाद डिजाइन के लिए स्नातक वर्ग में टॉप करने के लिए सम्मानित भी किया गया था। उसके बाद उन्हें नौकरी मिल गई, लेकिन उनके दिमाग में हमेशा अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का विचार था। नौकरी और जुनून के बीच काफी रस्सा-कसी के बाद प्राची ने आखिर नौकरी छोड़ उद्यमिता को गले लगाने का फैसला लिया। 45,000 रुपये मासिक कमाई की नौकरी को छोड़ते देख उनके दोस्तों और परिवावालों ने उन्हें बहुत समझाया और नौकरी न छोड़ने की सलाह दी। हालांकि जब उन्होंने अपना उद्यम शुरू करने की इच्छा व्यक्त की, तो सबने उनका समर्थन किया। स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्राची के सामने सबसे बड़ी चुनौती शुरुआती पूंजी को लेकर थी।

साल 2018 में, प्राची ने खुद की सेविंग्स के 1 लाख रुपये के निवेश के साथ अपने माता-पिता के घर में ही एक छोटे कमरे से घर की सजावट और उपहार उत्पादों से संबंधित अपने स्टार्टअप चोखट की नींव रखी। साथ ही, उन्होंने अपने खर्चों का प्रबंधन करने के लिए बतौर फ्रीलांस ग्राफिक डिजाइनर कई नौकरियां भी जॉइन की।

केनफ़ोलिओज़ के साथ बातचीत में प्राची ने बताया कि चोखट के उत्पाद अपने आप में अद्वितीय हैं और प्रकृति के तत्वों जैसे फूल, जानवर और पक्षियों से प्रेरित हैं। जब उन्होंने ब्रांड की वेबसाइट लॉन्च की, तो उन्हें यकीन था कि कम से कम कुछ ऑर्डर मिलेंगे। लेकिन पहले महीने में उन्हें सिर्फ एक और दूसरे में दो आर्डर प्राप्त हुए। इससे वह काफी निराश हुईं लेकिन हार नहीं माना।

मैं चिंतित थी कि मैंने एक बुरा निर्णय लिया है और मैं व्यवसाय में उतना कुशल नहीं हो पाऊंगी जितना मैंने सोचा था, लेकिन मैंने हार नहीं माना और यूट्यूब ट्यूटोरियल व लेखों का उपयोग करके मार्केटिंग रणनीतियों को समझा जो मेरे ब्रांड के लिए बेहद कारगर साबित हुई। लगभग पाँच महीने लगे, फिर कारोबार में उछाल आने शुरू हो गए।

उनकी मेहनत वाकई में रंग लाई और साल 2018 में पहली दिवाली पर चोखट ने 40,000 रुपये की बिक्री की और साल 2020 की दिवाली तक उनकी बिक्री 2.25 लाख तक पहुँच गई। कोरोना महामारी के बावजूद कंपनी ने कुल 14 लाख का कारोबार किया है। तालाबंदी के दौरान जब ज्यादातर लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे थे, तब प्राची ने अपने प्रोडक्ट्स को इन वेबसाइट्स के ज़रिए ख़ूब प्रमोशन किए। इसका उन्हें लाभ मिला और उनके ऑर्डर्स की संख्या में बढ़ोतरी होती चली गई।

प्राची ने अब एक कार्यालय किराए पर लिया है और अपने उत्पादों के निर्माण और विपणन में मदद करने के लिए इंटर्न, ग्राफिक डिजाइनरों, फोटोग्राफरों और विक्रेताओं की एक टीम को काम पर रखा है। हालाँकि, प्राची ने साझा किया कि उन्होंने अपने लिंग के कारण पूर्वाग्रह का अनुभव किया है, “कई मौकों पर, विक्रेताओं ने निर्देशों का पालन नहीं किया है और मुझे थोड़ा हल्के में लिया है क्योंकि मैं एक महिला हूँ। मुझे लगता है कि कभी-कभी पुरुष कम उम्र की महिला से निर्देश नहीं लेना चाहते, जो उन्हें अनुभवहीन लगता है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि महिलाओं को इस पर ध्यान देना चाहिए और अपने सपनों के लिए लड़ते रहना चाहिए और सफल होना चाहिए।”

भविष्य के लिए अपनी योजनाओं के बारे में बात करते हुए, प्राची ने साझा किया कि होम डेकोर और गिफ्टिंग उत्पादों को शिप करना आसान है और उनके ब्रांड की नींव है, वह फर्नीचर और रसोई उत्पादों की बिक्री भी शुरू करना चाहती हैं। वह साझा करती हैं, “10 वर्षों में मैं चाहती हूँ कि चोखट के पास घर के अंदर उपयोग किए जाने वाले सभी उत्पाद हों, फर्नीचर और पर्दे से लेकर रसोई के उपकरण और प्लेट तक।

प्राची की सफलता कई मायनों में प्रेरणा से भरी है। हममें से कई लोग स्वरोजगार को गले लगाना चाहते हैं लेकिन जोख़िम उठाने की हिम्मत के अभाव में हम अपने जुनून से समझौता कर बैठते। यदि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ जुनून का पीछा किया जाए, तो इस दुनिया में सफल होने से आपको कोई नहीं रोक सकता।

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