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नौकरी खोने के बाद जुनून के साथ बढ़ी आगे, लॉकडाउन में घर बैठे हुई 3 लाख की कमाई

पिछले डेढ़ साल में, कोरोनोवायरस महामारी ने हममें से ज्यादातर लोगों की जिंदगी को किसी न किसी तरह से प्रभावित किया है। जिन लोगों ने इसकी वज़ह से अपनी नौकरी खो दी, उनके लिए चलती-फिरती जिंदगी मानो थम सी गई। हमारी आज की कहानी एक ऐसे ही शख्स की है जिन्होंने कोविड की वजह से नौकरी से हाथ धोने के बावजूद हार न मानते हुए अपने जुनून का सहारा लिया और आज हम सब के सामने एक प्रेरणा बनकर खड़ी हैं।

सूरत की जलाक देसाई ने भी महामारी से निपटने के लिए पेंटिंग के अपने शौक की ओर रुख किया, उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह अपने बचपन के जुनून को एक संपन्न पेशे में बदलने में कामयाब होंगी और उसे बेच पैसे भी कमाएगी। गौरतलब है कि जलाक को बचपन से ही पेंटिंग बनाने में काफी दिलचस्पी थी और वह स्कूल में प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेती थी।

यद्यपि उनके भीतर एक कलाकार हमेशा से जिंदा था, लेकिन फिर भी 31 वर्षीय जलाक ने औषध विज्ञान में अपना करियर बनाने का फैसला किया क्योंकि न तो उन्हें और न ही उनके परिवार को यकीन था कि वह कला के ज़रिए सफल हो पाएंगी।

“किसी ने भी मुझे सपोर्ट नहीं किया क्योंकि कला को एक अस्थिर करियर के रूप में माना जाता है। ”

साल 2011 में, जलाक ने औषध विज्ञान में मास्टर्स पूरा करने के बाद 12,000 रुपये की मासिक आय के साथ एक फार्मास्युटिकल कंपनी में काम करना शुरू किया। हालाँकि, लगभग 4 वर्षों तक इस क्षेत्र में काम करने के बाद, साल 2015 में जलाक ने अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए तीन साल का ब्रेक लिया।

जब उनका बच्चा तीन साल का हो गया, तो जलाक ने फिर से पेशेवर दुनिया की ओर रुख किया और 2018 में एक आयुर्वेदिक कॉलेज में फार्माकोलॉजी के अतिथि व्याख्याता के रूप में पढ़ाना शुरू किया, और उनका यह सफ़र तब तक जारी रहा जब तक कि मार्च 2020 में कोरोनोवायरस महामारी ने दुनिया को एक डरावना पड़ाव पर नहीं लाया।

कोविड के दौरान नौकरी चली जाने के बाद, जलाक ने खुद को व्यस्त रखने के लिए तालाबंदी के बीच अपने बचपन के शौक को वापस अपनाने का फैसला किया और अपनी बनाई हुई कलाकृतियों को सोशल मीडिया प्रोफाइल पर पोस्ट करना शुरू कर दिया। कुछ ही समय में, दोस्तों, परिवारवालों और कई अजनबी लोगों द्वारा उनकी अनूठी कलाकृतियों के ऊपर प्रशंसा की बाढ़ आ गई। लोगों की अपार प्रशंसा ने जलाक को पूर्णकालिक रूप से कला को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

एक साल पहले, जलाक ने अपने प्रियजनों की सलाह पर ‘जे डी क्रिएटर्स लेन’ के नाम से एक वेबसाइट की शुरुआत की है जहाँ वह अपने कार्यों को प्रदर्शित करती हैं। जलाक को उनकी पहली कलाकृति के लिए 15,000 रुपये मिले। तब से, उन्होंने अबतक 40 से अधिक पेंटिंग बेची हैं और लगभग 3 लाख रुपये कमाने में सफल रही हैं, जो कि फार्मा क्षेत्र में उनकी कमाई की तुलना में बहुत अधिक है। इतना ही नहीं उनकी कलाकृतियां गुजराती फिल्म अभिनेता प्रीनल ओबेराई सहित कई मशहूर हस्तियों द्वारा भी खरीदी गई है।

जलाक कहती हैं, “जब मैंने अभिनेता और हास्य अभिनेता हेमांग दवे को अपनी एक तस्वीर भेजी, तो वह मेरी प्रशंसा करते थके नहीं।”

एक माँ और पत्नी के रूप में अपने सभी दायित्यों को भली-भांति पूरा करते हुए जलाक अपनी कला के लिए दिन में कम से कम चार घंटे समर्पित करती हैं और कैनवास, बोतलों जैसे विभिन्न माध्यमों के साथ काम करती हैं, और अमूर्त कार्यों से लेकर श्रीनाथजी और बुद्ध के चित्रों तक कई विषयों को चित्रित करती हैं, जो उनके दिल के करीब हैं।

केनफ़ोलिओज़ के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि, “मैं एक ऑलराउंडर नहीं बनना चाहती, लेकिन मुझे हर तरह की कलाकृति करना पसंद है क्योंकि यह विभिन्न प्रकार की रचनात्मकता देता है। राल कला वर्तमान में सबसे अधिक चलन में है और मैंने अबतक 30 वॉल क्लॉक, 6 वॉल पीस, कोस्टर और कई अन्य चीज़ें बनाई है।

जलाक उस दौर और परिवार से आती हैं, जहां पारंपरिक करियर आदर्श माने जाते थे, और इसलिए उन्होंने अपने जुनून को पीछे रखा। वह स्वीकार करती हैं कि दुखी होने के बावजूद उन्होंने फार्मा क्षेत्र में अपने करियर को जारी रखा क्योंकि उनके पास इस विषय में डिग्री थी। हालांकि, बाद में अपनों के प्रोत्साहन के बाद उन्होंने वापस अपने जुनून को गले लगाया।

“जब मैं अपने चित्रों को देखती हूँ तो मुझे एहसास होता है कि मैंने अपने जीवन के कई वर्षों को बर्बाद कर दिया है। अगर मैं पहले शुरू कर देती, तो मैं बहुत कुछ हासिल कर लेती।

देर से शुरू होने के बावजूद, जलाक का व्यवसाय फलफूल रहा है, और उन्होंने अपने चित्रों को संग्रहीत करने के लिए एक नया घर खरीदा है क्योंकि उनके वर्तमान घर में कोई जगह नहीं बची थी। वह मुस्कराते हुए कहती हैं कि लोग अब मेरे साथ एक अलग व्यवहार करते हैं, अब कोई मुझे एक औषधविज्ञानी के रूप में नहीं देखता, वे सभी मुझे एक कलाकार के रूप में संदर्भित करते हैं। मैं अपने दोस्तों और परिवार के सर्कल में वास्तव में लोकप्रिय हो गई हूं।”

अपने जुनून को पाकर, जलाक अन्य महिलाओं को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करना चाहती हैं। वह उन महिलाओं को प्रशिक्षित करने की उम्मीद रखती हैं जिनकी कला में रुचि है और उन्हें अपनी वेबसाइट और प्रदर्शनियों के माध्यम से अपनी कलाकृतियां बेचने में मदद हो। जलाक मानती हैं कि महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनना चाहिए। वित्तीय स्वतंत्रता एक अलग तरह की स्वतंत्रता और आत्मविश्वास देती है, जिसकी हर महिला हकदार हैं।

जलाक की कहानी वाक़ई में बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने साबित कर दिखाया है कि यदि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ जुनून का पीछा किया जाए तो सफलता अवश्य मिलती है।

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