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यदि जिंदगी में सफल होना चाहते हैं तो रतन टाटा के इन 10 बहुमूल्य सुझावों पर गौर करें

हम में से लगभग हरेक लोगों की जिंदगी का सबसे बड़ा और अहम मकसद सफल होना है। हालांकि लोगों के सफलता का मापदंड अलग-अलग होता है, कोई पैसा चाहता है तो कोई शोहरत, कोई अच्छी फैमिली लाइफ जीना चाहता है तो कोई ऐशो-आराम। इसमें कुछ लोग सफल हो भी जाते हैं और कुछ नहीं। सफलता हासिल करना उतना आसान नहीं है अपितु इसे हासिल किया जा सकता है।

जिंदगी में सफल होने की चाह रखने वाले लोग हमेशा यह चाहते हैं कि उन्हें किसी-न-किसी सफल लोगों का मार्गदर्शन मिले। लेकिन कुछ एक ही ऐसे भाग्यशाली लोग होते जिन्हें अच्छे लोगों का सही मार्गदर्शन मिल पाता। मार्गदर्शन के अभाव में ज्यादातर लोग, ख़ास कर युवा वर्ग अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा और अनोखा करने की चाह में सही वक़्त पर सही फैसला न लेने की परिस्थिति में मात खा जाते।

यह सच है कि जीवन में सफल होने के लाखों उपाय हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपने भीतर इन उपायों को परखने और उसका सदुपयोग करने की क्षमता कैसे उत्पन्न की जाए? इस सवाल का सबसे सटीक और सफल जवाब वही इंसान दे सकता जिसने जिंदगी में तरह-तरह के प्रयोग कर सफ़लता का विशाल साम्राज्य स्थापित किया।

और ऐसे इंसान में रतन टाटा से बेहतर और कौन हो सकता? जी हाँ टाटा समूह को दुनिया में एक नई पहचान दिलाने वाले रतन टाटा ने सफलता का जो इतिहास लिखा है, उसे दुहराना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। आज दुनिया का हर एक इंसान रतन टाटा के द्वारा दिए गए सफलता के मंत्र को अपने जीवन में उतार कर कामयाब होना चाहता है।

अगर आप भी अपनी जिंदगी में कामयाब होना चाहते हैं तो सर रतन टाटा के द्वारा दिए ‘10 सफल होने के टिप्स‘ पर गौर करें। यकीं मानिए यदि आप इसे अपनी जिंदगी में ढालने में सफल हो जाते हैं तो सफलता आपकी जिंदगी में अवश्य दस्तक देगी।

  1. रतन टाटा का मानना है कि व्यक्ति को अपनी योग्यता और परिस्थितियों के अनुसार अवसर एवं चुनौतियों की पहचान करनी चाहिए। आपके बारे में आपसे बेहतर और कोई नहीं जानता, इसलिए आप अपनी वर्तमान परिस्थिति और योग्यता को मद्येनजर रखते हुए अवसर का सही लाभ उठायें।
  2. रतन टाटा का मानना है कि आप जैसें भी हो उसे स्वीकार करने की ख़ुद के अंदर क्षमता पैदा करें। वास्विकता में जीने की भरपूर कोशिश करें और जब तक आप ख़ुद पर भरोसा नहीं रखेंगें, जिंदगी की राह कभी आगे नहीं बढ़ सकते।
  3. रतन टाटा आज इतनी उंचाई तक पहुँचने के बाद भी बेहद विनम्र स्वाभाव के इंसान हैं और उनका मानना है कि विनम्रता मनुष्य के व्यक्तित्व का आभूषण है। विनम्रता न केवल हमारे व्यक्तित्व मे निखार लाती हैं , बल्कि कई बार हमारे सफलता का कारण भी बनती है।
  4. क्या आपको मालूम है, रतन टाटा ने पढ़ाई पूरी करने के बाद जब काम शुरू किया तो पहला काम क्या था? टाटा स्टील के ब्लास्ट फर्नेस में कोयला और चूना पत्थर झोंकने का काम। लेकिन टाटा ने इस काम को पूरी दृढ़ता के साथ किया और आज कहाँ पहुँच गए यह हम सब के सामने है। इसलिए रतन टाटा का हमेशा से मानना है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता बस व्यक्ति को चहिये कि उसे पूरी दृढ़ता के साथ आनंदपूर्वक करे। इतना ही नहीं जिंदगी की राह में कई बाधाओं का सामना करना पड़ेगा, बस पीछे हटने की बजाय उसका डटकर मुकाबला करें।
  5. रतन टाटा का मानना है कि हर व्यक्ति को हमेशा ऊँची मानसिकता रखनी चाहिए, वरना जिंदगी की राह वो पीछे रह जायेंगें। जिस प्रकार लोहे को कोई नुकसान नहीं पहूंचा सकता लेकिन उसका अपना ही जंग उसे नष्ट कर सकता है, ठीक वैसे ही किसी व्यक्ति को कोई नष्ट नहीं कर सकता सिवाय उसकी अपनी मानसिकता के।
  6. रतन टाटा का हमेशा से मानना रहा है कि हर दिन हमें कुछ न कुछ करना ही चाहिए, ताकि बाद में हमें अफ़सोस का सामना न करना पड़े। रतन टाटा की शब्दों में ‘उस दिन जिस दिन मैं उड़ने के योग्य नहीं रहूंगा, वह दिन मेरे लिए सबसे मायूस दिन होगा”। इसलिए हमें हर दिन कुछ न कुछ करते रहना चहिये तभी आने वाले वक़्त पर उसका नतीज़ा देखने को मिलेगा।
  7. रतन टाटा का मानना है कि हमें अपने आस-पास के लोगों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने पर बल देना चाहिए। यदि आप एक व्यवसायी हैं तो अपने ग्राहकों को सबसे पहले विश्वास में लें। विश्वास दुनिया की सबसे बेशकीमती पूंजी है और यह मनुष्य को सफल होनें में बेहद कारगर सिद्ध हो सकती है।
  8. रतन टाटा जिन्होंने अपनी जिंदगी में हमेशा कुछ नया करने पर बल दिया उनका हमेशा से मानना है कि हमें किसी के पीछे बिल्कुल भी नहीं भागना चाहिए, बर्शते हमें अन्य लोगों से कुछ अलग करने की कोशिश करनी चाहिए तभी हम भीड़ से अलग रह पायेगें। हर व्यक्ति में कुछ विशेष गुण और प्रतिभा होती है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने अंदर मौजूद गुणों और प्रतिभा की पहचान करते हुए कोशिश जारी रखनी चाहिए।
  9. रतन टाटा का मानना है कि आपको यदि किसी काम को करने में मुश्किल हो रही तो उसे सफलतापूर्वक करके ही दम लो। कठिनाईयों से कभी दूर नहीं भागना चहिये, जहाँ संघर्ष है सफ़लता भी वहीं है।
  10. सफ़लता की कहानियां पढ़ें और उससे सीख लें। सफ़लता की कहानियां पढ़ने से मनुष्य के अंदर एक नई आशा का संचार होता है और उन्हें भी कुछ बड़ा करने की तमन्ना होती है।

रतन टाटा के इन सुझावों पर अमल करें और शेयर कर अन्य लोगों तक पहुंचायें 

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