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अद्भुत: जब मकान-मालिक ने घर खाली करने को कहा, तब से यह अभिनेता अपनी कार में ही रहते हैं

यह काफी हद तक सच है कि लंबे समय तक एक नियमित जीवन शैली हमारे रचनात्मक दृष्टिकोण प्रभावित करती है। रचनात्मक भावनाओं से ओतप्रोत होकर कई लोगों ने जीने के अपरंपरागत तरीकों के साथ प्रयोग करना शुरू कर दिया है। ऐसे ही एक शख़्स हैं दिशांत गुलिया, जो मनोरंजन उद्योग में अपनी पहचान बनाने के लिए मुंबई पहुंचते हैं, केवल एक चीज जो उन्हें बाकी लोगों से अलग करती है, वह है उनके जीवन जीने का असामान्य तरीका – दिशांत पिछले तीन वर्षों से एक कार में रहते हैं। दिशांत ने रेमंड, मान्यवर, फैब इंडिया और विल्स लाइफस्टाइल जैसे कुछ प्रसिद्ध ब्रांडों के लिए मॉडलिंग भी की है। उन्हें आखिरी बार फिल्म ‘गुंजन सक्सेना’ में देखा गया था।

दिशांत ने 2012 में मिस्टर दिल्ली का खिताब जीता। लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनने के बाद फिल्म उद्योग में क़िस्मत आज़माने के उद्देश्य से उन्होंने सपनों के शहर मुंबई जाने का फैसला किया। उनका शुरुआती संघर्ष उन तमाम लोगों के जैसा ही रहा जो आँखों में सपने संजोए यहां आते हैं। हालाँकि, मुंबई स्थित उनके कुछ दोस्तों से मिले सुझाव के बाद वह मायानगरी के लिए निकल पड़े। चुनौतियाँ पहले से ही उनका इंतज़ार कर रही थी। जब वह हवाईअड्डे पर पहुँचे तो उनके कोई दोस्त नहीं आए, और तो और उनके फ़ोन और मैसेज का भी जवाब भी नहीं दिया। दिशांत ने हवाई अड्डे पर ही लगभग एक दिन बिताया जब तक कि कोई नहीं आया और उनके लिए किराये के आवास की व्यवस्था की।

दिशांत ने बिना वक़्त गवाएं काम की तलाश शुरू कर दी और जल्दी ही उन्हें काम भी मिल गया। उन्होंने कुछ महीनों में कार खरीदने के लिए कुछ पैसे भी बचाए। एक दिन, जब उनके मकान मालिक ने उन्हें घर खाली करने के लिए कहा, तो दिशांत ने इसे एक मौके की तरह लिया और अपनी कार में रहने लगे। घर के किराए के मामलों में मुंबई सबसे महंगे शहरों में से एक है। दिशांत ने बचाए गए पैसे को अपनी जीवनशैली पर खर्च करने लगे। हालांकि यह प्रयोग आसान नहीं था, लेकिन दिशांत ने कार के अंदर रहने का आनंद लेना शुरू कर दिया।

दिशांत मुंबई में अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि “साल 2016 में, जब मैं पहली बार सुपरस्टार बनने के लिए बेहद जुनून के साथ मुंबई आया था, तो मुझे अनगिनत चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जिन लोगों ने मेरी मदद करने का वादा किया था वे मुंबई में उतरते ही गायब हो गए। कोई भी मेरी कॉल या मैसेज का जवाब नहीं दे रहा था। तब मुझे एहसास हुआ कि सफलता की ओर यात्रा हमेशा अकेली होती है।”

तब से दिशांत अपनी कार में ही रह रहे हैं। उन्होंने अपनी मारुति स्विफ्ट डिजायर को इस तरह से संशोधित किया है कि पीछे की सीट एक आरामदायक बिस्तर में परिवर्तित हो जाती है। जूते के लिए एक अलग कम्पार्टमेंट भी है। उन्होंने अपनी कार में एक छोटा सा प्यारा वॉर्डरोब भी बनाया है। वॉशरूम की तरह व्यक्तिगत स्वच्छता और बुनियादी मानवीय जरूरतों के लिए उन्होंने एक क्लब की सदस्यता ले ली है।

“मैंने सोचा था कि यह अनुभव डरावना भी हो सकता है, लेकिन शुक्र है कि यह बिल्कुल इसके विपरीत है। यह मेरे जीवन के सबसे अच्छे अनुभवों में से एक था।”

दिशांत देश के विभिन्न शहरों की यात्रा भी करते हैं। वह दो दिनों से अधिक एक स्थान पर नहीं रहते।

“केवल एक चीज जिसने मुझे परेशान किया वह यह कि मुझे हमेशा सोने के लिए घर वापस आना होता था। अब जब मैं एक कार में रह रहा हूं, तो मेरे पास कोई निश्चित गंतव्य नहीं है। मैं जहां भी रहना चाहता हूं, यात्रा करता रहता हूं।”

दिशांत हमेशा स्थानीय लोगों के साथ रहना पसंद करते हैं। वह अब MadNomad के नाम से एक कार में रहने की इस संस्कृति को लोकप्रिय बनाने की योजना बना रहे हैं और साथ ही वह उत्साही लोगों के लिए कारों को मॉडिफाई भी करते हैं। वह अब अपने लिए एक विशाल घर बनाने के उद्देश्य से अपनी एसयूवी को परिवर्तित कर रहे हैं।

“मुझे विभिन्न लोगों से मिलना, उनके साथ रहना, उनके हितों पर चर्चा करना और आपस में साझा करना पसंद है। यह सब चीजें मुझे एक अभिनेता के रूप में बढ़ने में मदद करती हैं।”

दिशांत की कहानी एक जीवंत उदाहरण है जो न केवल स्थानों, संस्कृतियों, और सूचनाओं की खोज करने के महत्व पर जोर देती है, बल्कि हमारे जीवनकाल में हम सबसे अच्छा अनुभव करने के लिए जिस तरह से रहते हैं उसमें समय पर बदलाव करने के लिए। हर कोई एक कार के अंदर नहीं रह सकता है, लेकिन, निश्चित रूप से, जीने के विभिन्न तरीकों की कोशिश कर सकता है, पता लगा सकता है, सीख सकता है, और जिंदादिली से जीवन जी सकता है।

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